वकील

क्यों वकील काले रंग का कोट और डॉक्टर सफ़ेद रंग का कोट पहनते है ?

19 वीं सदी से पूर्व डॉक्टर और वकील दोनों ही काले रंग का कोट पहनते थे। जैसे – जैसे समय बीतता गया डॉक्टरों ने स्वछता को बढ़ावा देने लिए कोट का रंग सफ़ेद में बदल लिया। काले और सफ़ेद रंग का कोट पहनने की प्रेरणा एक ही है। दोनों रंगों के अपने-अपने अर्थ होते है। क्या आपके जहन में कभी यह सवाल आया है कि वकील काले रंग का कोट और डॉक्टर सफ़ेद रंग का कोट क्यों पहनते है ?

यह कई सालों से चलती आ रही परंपरा है। इसका एक फैक्ट है कि काले रंग पर किसी अन्य रंग से लिखा नही जा सकता है। काला रंग रंगवाली में उपलब्ध सबसे गहरा रंग होता है। इससे तात्पर्य यह है कि न्यायाधीश का निर्णय अंतिम निर्णय है इसको किसी भी तहत से बदला नही जा सकता है।

सफ़ेद कोट पेशे की शुद्धता को दर्शाता है। जो डॉक्टर की छवी पर असर डालता है। यह डॉक्टर और पर्यावरण के बीच की एक दीवार भी है। ज्यादातर डॉक्टरों को प्रयोगशाला में रासायनिक पदार्थों और रोगियों के शरीर के तरल पदार्थों से अवगत करना पड़ता है। दाग सफेद कोट की बजह से आसानी से दिख जाता है काले कोट में यह समस्या उत्पन्न होती है। और यह संक्रमण को फैलने से रोकने में भी मदद करता है।

यह एक आवश्यक नियम है और लम्बे समय से चलती आ रही परम्परा है कि वकीलों को काला कोट पहनना है। वैसे तो अलग अलग देश में वकीलों का अलग अलग पोशाक होता है। भारत में अधिवक्ता अधिनियम 1961 के तहत किसी भी न्यायालय में उपस्थित सभी वकीलों को एक सादा और प्रतिष्ठित पोशाक ही पहनना अनिवार्य है।

ब्रिटिश संविधान के समय भी वकीलों की यही पोशाक थी। जो कि उनके जाने के बाद भी भारत में कभी भी नही बदली गई। इसी तरह पोशाक को अन्य देशों के साथ साथ उनकी आवश्यकतों, स्थानीय संस्कृति, परम्पराओं और मूल्यों के अनरूप थोड़ा थोड़ा संशोधित किया गया है।

परन्तु अभी तक बहुत से देशों में ब्रिटश के पुराने पारम्परिक पोशाक यानी काला कोट और सफ़ेद नैकबैंड का ही अनुसरण हो रहा है।

वकीलों की पोशाक की पीछे करीब साढ़े तीन सौ साल पुराना इतिहास है। फरवरी 1685 में, जब इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय की मृत्यु हुई तो वहाँ की जनता ने अपने राजा की मृत्यु का शोक जताने के लिए काले रंग का गाउन पहनना शुरू कर दिया। तब वकील के लिए वर्दी को काले गाउन के रूप में नियुक्त किया गया।

यह माना जाता है कि काला गाउन पहनने से न्यायाधीश और वकील को अनामिकता की डिग्री मिलती है। निम्नलिखित कारणों से काले रंग को वकीलों की पोशाक के रूप में चुना गया था।

  1. इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि काला रंग शक्ति और अधिकार का प्रतीक है।

  2. काला रंग खुद को प्रस्तुत करने का प्रधिनित्व करता है उसी तरह से जैसे पादरी भगवान को अपनी अधीनता दिखाने के लिए काला कपडा पहनते है

  3. वैसे ही वकील और न्यायाधीश न्याय को प्रस्तुत करने के लिए काले रंग के कपडे पहनते है।

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