घरेलू हिंसा

घरेलू हिंसा – एक कहानी बेटी के जीवन का साहसपूर्ण संघर्ष की.

घरेलू हिंसा, divorceएक गरीब माता-पिता के 3 बच्चे थे। अब, यहाँ हम तीसरे बच्चे के बारे में बात कर रहे है। अपने बचपन के दौरान उसको इतना लाड़ प्यार नही मिला था, क्योंकि वह बिल्कुल सुन्दर नही थी। उसे 3 बच्चों के बीच कम महत्व दिया गया था। उसे एक सरकारी स्कूल में भेज गया था जबकि अन्य प्राइवेट स्कूल में पड़ते थे। उसके पिता ने सोचा था कि उस पर निवेश करने से कोई लाभ नहीं होगा। उसकी माँ भी उसकी कुछ खाश देखभाल नही करती थी।  उसकी बातों पर कोई खास ध्यान नही दिया जाता था। उसके भाई बहन भी उससे ज्यादा बात नही करते थे। उसने ग्रेजुएशन में अच्छे नंबर से बी.कॉम पास किया था, फिर भी वह खुश नहीं थी क्योंकि उसकी सफलता की सराहना करने के लिए कोई नहीं था। इन सब को सोच सोच कर उसकी बहुत सारी रातों के नींद हराम हो गई थी और वह हमेसा उदास रहने लगी क्युकि उसके अपने घर में घरेलू हिंसा हो रहा था। २३ साल की उम्र होते ही उसकी शादी के बात चलने लगी। 

 

घरेलू हिंसा, divorce, violenceउसने कभी भी एक सुंदर लड़के से शादी करने का विचार नहीं किया लेकिन वह उस व्यक्ति से शादी करना चाहती थी जो उसे समझता हो और उसका सम्मान करता हो। जब वह अपनी बेटी के लिए लड़के की तलाश कर रहे थे, उसी दौरान, उसके पिता को एक रिश्तेदार ने लड़के के बारे में बताया। उसके पिता ने एक भी दिन ख़राब किये बिना, दूल्हे के घर पहुंच गए शादी की बात करने के लिए। दूल्हे की माँ ने अपने बेटे के संबंध के बारे में उसके पिता को बताया कि उसने हमारी मंजूरी के बिना, दूसरी जाति की लड़की से शादी कर ली है पर अब हम चाहते हैं कि मेरा बेटा हमारी जाति की लड़की से शादी करे। उस क्रूर पिता ने अपनी बेटी के भविष्य के बारे में एक बार भी सोचे बिना, तुरंत उनके प्रस्ताव पर सहमत हो गए और उसके पिता ने दूल्हे के संबंध के बारे में किसी को नही बताया।

 

violence, domestic violence, talak,घरेलू हिंसावह बहुत खुश थी और सोचती थी कि वह जैसा लड़का चाहती थी, वैसे ही व्यक्ति से शादी कर रही है लेकिन, उसने कभी नहीं सोचा था कि उसके सपने एक दिन मिट जाएंगे।  शादी के कुछ समय के बाद उसे अपने पति के बारे में पता चला, वह तुरंत अपने माता-पिता के पास गई और उनको सब कुछ बताया और उनसे पूछा कि आपको ये सब पहले से पता था क्या? लेकिन उसकी माता-पिता ने कुछ नही कहा। वह निराश होकर ससुराल वापिस आ गई। उसका पति बहुत शराब पीता था। और हर रोज शराब पीकर घर आता और उसको बहुत मारता और गालिया देता था। कभी कभी उसके साथ जबरदस्ती करता था। कुछ समय के बाद उसने एक बच्चे का जन्म दिया। उसने लाख कोशिश की, कि उसका पति सुधर जाये, शराब पीना कम कर दे। पर ऐसा हो न सका। वह अपने पति की हरकतें अपने बच्चे के खातिर झेलती रही। एक दिन उसका पति शराब पीकर घर आया और बच्चे पर हाँथ उठा दिया। यह बात उसको बर्दास्त नही हुई। उसने निश्चय किया कि वह अब इससे दूर चली जाएगी और एक अच्छी परवरिश और अच्छे संस्कार देगी और अपने बच्चे का पालन पोषण करेगी। वह नही चाहती थी कि इन सब चीजों का जरा भी असर उसके बच्चे पर पड़े।

talak, divorce, crime
उसके सामने सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वह कैसे इन सब चीजों से दूर जाये, क्योंकि उसको न तो ससुरवालों का सपोर्ट था न ही मायके वालों का। उसने पड़ोस में रह रही एक महिला जो कि एक स्कूल में पढ़ाती थी उनको सारी बात बताई। तब उन्होंने उसको Aapka Advocate के बारे में बताया। पहले उसने घरेलू हिंसा के लिए Phone Consultation का appointment लिया।उनके Advocate ने उसको call किया और उसकी पूरी समस्या को सुना फिर उसको पहले समझौते के लिए advice किया। फिर उनके advocate ने दोनों पच्छों के बात सुनी और समझौता कराने का प्रयास किया पर उसका पति कोई समझौता नही करना चाहता था। फिर उनके लॉयर ने Divorce का सही तरीका बताया। और अपने पति को सवक सिखाने के लिए घरेलू हिंसा का भी case कराया।अब वह एक साल की लड़ाई के बाद अपने बच्चे के साथ सामान्य जीवन जी रही है।

 

Please follow and like us:

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *