तलाक

तलाक से टूटते रिश्ते और बिखरते परिवार – क्यों टूटते है रिश्ते ?

तलाक, domestic violence, divorce papers,अभी अभी विनोद दफ्तर से घर लौटा ही था। उसने देखा कि उसकी बीबी और माँ आपस में किसी बात पर बहस कर रही थी। विनोद जैसे ही लिविंग रूम  में पंहुचा, उसकी माँ और बीबी ने अपनी अपनी बातें रखना शुरू कर दी।

विनोद ने हर बार की तरह खीझ कर बोला कि जब भी घर आओ तुम दोनों को लड़ता हुआ देखता हूँ। अपना आपस में ही निपटारा कर लो। मैं पहले ऑफ़िस में काम करूँ फिर यहाँ आकर आप लोगों की बातें सुन कर उनका निपटारा करूँ।

मै ज्यादा परेशान हुआ तो तलाक ले लूंगा। ये बात सुन कर दोनो शांत हो गए और अपने अपने काम में लग गए। विनोद एक बड़ी कंपनी मे सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। विनोद ने अपनी पसंद की लड़की से शादी की थी। पर उसके परिवार और आभा की सोच में ज़मीन आसमान का अंतर था।

विनोद की माँ को आभा बिल्कुल पसंद नही थी पर बेटे की खुशी के लिए उन्होंने कुछ नही कहा। आभा और उसकी सास कभी एक बात पर राजी नही होते थे। इसकी वजह यह थी कि आभा नए ख्यालात रखने वाली लड़की थी।

 

Divorce, domestic violence, तलाककहने को आभा की बहुत बड़े घर मे शादी हुई थी। आलीशान बंगला, बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ, 8-10 नौकर, कोई काम नही करना पड़ता था। पर क्या फायदा ऐसे आलीशान घर का जिसमे हर रोज नया कलेश होता था।

कुछ समय तक तो सब कुछ अच्छा था पर बाद मे कोई एक दूसरे से बात नही करता था। सबकी अपनी अपनी लाइफ हो गई थी। विनोद भी दफ्तर से थका हुआ आता और खाना खाकर सो जाता था। आभा कभी भी विनोद से बात करने की कोशिश करती तो विनोद उसको इग्नोर कर देता था।

पूरे दिन घर मे रहने से आभा अपने आप को नकारा समझने लगी थी। उसका स्वभाव चिड़चिड़ा होता जा रहा था। वो फिर से नौकरी करना चाहती थी, जिससे वो अपने आप मे सकारात्मक सोच ला सके और खुश रह सके। पर उसके ससुराल वालों का कहना था कि विनोद इतना तो कमा रहा है तुमको नौकरी करने के कोई जरूरत नही है।

 

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जैसे ही नौकरी की बात आती उसकी और सास की आपस मे खटकने लग जाती थी। आभा के घर वाले इस शादी के खिलाफ थे। आभा ने किसी की एक न सुनी।

आभा की ये हालत हो गई थी कि वह ना तो अपने मायके जा सकती थी न ही किसी से कुछ कह सकती थी । विनोद भी रोज रोज की बहस से परेशान हो गया था। वह किसी से बात नही करता था। अक्सर शराब पीकर घर देर से आता था।

आभा कुछ बोल दे तो उसको गाली दे देता था कभी कभी मार भी देता था। विनोद की माँ को उसके बेटे के लिए बहुत बुरा लग रहा था पर उन्होंने आभा को थोड़ा भी समझने की कोशिश नही की। वो क्या चाहती है।

विनोद की इस हालत की जिम्मेदार वो आभा को मानती थी। हर बात उसको चिल्लाती थी, बात बात पर कोशती रहते थी। कभी उसके उसको मार भी देते थी। 

 

domestic violence, hurtआभा को उसकी सास की बातें तो बुरी लगती थी पर उससे ज्यादा उसको यह बुरा लगता था कि मैने जिस लड़के लिए अपने घर को छोड़ दिया। अपनी नौकरी तक छोड़ दी, वो इन्सान भी मेरी चीजों को नही समझा रहा है, मैं किस हालात से गुज़र रही हूँ उसको वो भी नही दिखाई दे रहा है।

आभा पूरी तरह से टूट चुकी थी। वह इन सब चीजों से दूर जाना चाहती थी। उसको लगने लगा था विनोद से शादी करना उसकी लाइफ की सबसे बड़ी गलती थी। इससे अच्छा तो मैं अपने घरवालों की मर्ज़ी से शादी करती तो खुश तो रहती।

कुछ होता मेरी साथ मे अपने घरवालों को बता तो सकती थी। आभा ने अब सोच लिया था कि वो अब तलाक लेगी और अपनी नई लाइफ नई सिरे से शुरू करेगी। आभा ने तलाक फाइल करने के लिए नेट पर सर्च किया। उसके बाद उसने Aapka Advocate पर पहले Phone Consultation के लिए appointment ली।

Advocate ने उनकी पूरी समस्या सुनी और फिर उन्हें तलाक का सही तरीका बताया। जिसके बाद आभा को तलाक के साथ, अच्छा compensation मिला और उस नरक से मुक्ति मिली। आज आभा एक MNC में job कर रही है और वह अपने नये जीवन में बहुत खुश है।

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